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CJP: Crime Branch पेशी से मांगा वक्त, ताजा नोटिस संभव

Dainik R Times
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तिहाड़ जेल से रिहाई के महज 24 घंटे बाद CJP नेताओं ने वक्त मांग लिया है। (CJP Crime Branch questioning) सौरव दास और आशुतोष रांका गुरुवार को पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे। उन्हें दोपहर 12 बजे राजौरी गार्डन दफ्तर बुलाया गया था। वे दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पेश नहीं हुए।

समाचार एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दोनों नेताओं ने पुलिस से और समय मांगा है। अब दिल्ली पुलिस उन्हें ताजा नोटिस जारी करेगी। संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे को भी समन भेजा गया था, लेकिन वह भी पेश नहीं हुए।

रिहाई के 24 घंटे बाद फिर समन

बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे दोनों नेता तिहाड़ से बाहर आए। उसी वक्त उन्हें क्राइम ब्रांच का नोटिस थमा दिया गया। इससे पहले विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ऋतु राज ने उनकी रिहाई का आदेश दिया था। दोनों से 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके लिए गए।

दोनों नेताओं ने शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने का लिखित आश्वासन भी दिया था। रिहाई के कुछ घंटे बाद ही उन्होंने एक वीडियो में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई थी। इससे साफ है कि रिहाई के बाद भी मतदाता सूची संशोधन के खिलाफ उनका अभियान जारी है।

CJP Crime Branch questioning: जांच किस मामले में

क्राइम ब्रांच अब दोनों FIR की जांच कर रही है। ये कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट थानों में दर्ज हुई थीं। आरोप है कि 13 अक्टूबर को CJP कार्यकर्ता जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश में थे। उन्होंने निजी परिसर से प्रवेश किया और पुलिस के काम में बाधा डाली।

पुलिस का कहना है कि यह मामला लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा और अतिक्रमण से जुड़ा है। हालांकि ये आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं और तीनों नेताओं को निर्दोष माना जाता है।

Neha Bora की याचिका पर Delhi HC में सुनवाई

दूसरी ओर, AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। उन्होंने पुलिस के उस नोटिस को चुनौती दी है। इसमें 10 हजार रुपये का शांति बांड भरने को कहा गया था। उनके वकील ने नोटिस को “संवैधानिक और कानूनी रूप से गलत” बताया।

बोरा को 16 अक्टूबर को ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च में शामिल होने जाते समय एहतियातन हिरासत में लिया गया था। अगले दिन उन्हें रिहा कर दिया गया था। अदालत के फैसले का इंतजार है।

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