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India-US Trade Deal: पहला चरण Final, जल्द हस्ताक्षर

Dainik R Times
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नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण को अंतिम रूप दे दिया गया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते का पहला ट्रांच (first tranche) फाइनल हो चुका है और फिलहाल उसकी लीगल ड्राफ्टिंग तथा अंतिम समीक्षा चल रही है।

गोयल नई दिल्ली में श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह (SRCC Centenary Conclave) के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि समझौता जल्द पूरा हो जाएगा और उसे तब लागू किया जाएगा जब अमेरिकी बाजार में भारत को प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर बढ़त मिल जाए। मंत्री ने कहा कि व्यापार समझौते पर उनका रुख पहले जैसा ही है — इसमें कुछ नया नहीं है।

उधर, वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने व्यापार आंकड़ों पर मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि वॉशिंगटन के साथ बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उनके मुताबिक, “हम जल्द से जल्द समझौते को अंतिम रूप देकर हस्ताक्षर करने की उम्मीद कर रहे हैं।” अग्रवाल ने बताया कि हस्ताक्षर की घड़ी आंशिक रूप से इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका अपने समग्र टैरिफ ढांचे को कब औपचारिक रूप देता है। अमेरिका में समानांतर रूप से यह काम चल रहा है, और दोनों देश आपसी सहमति के समय पर हस्ताक्षर की ओर बढ़ेंगे।

अग्रवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते के तहत भारतीय सामानों को तरजीही बाजार पहुंच (preferential market access) और टैरिफ पर अधिक निश्चितता मिलेगी। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) की धारा 301 के तहत अतिरिक्त क्षमता से जुड़ी जांच जैसे लंबित मुद्दों को भी समझौते के हिस्से के रूप में सुलझाया जाएगा। लीगल ड्राफ्टिंग का काम जारी है।

Rubio की यात्रा से पहले बड़ा संकेत

यह घटनाक्रम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा से ठीक पहले सामने आया है। रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत और उज्बेकिस्तान का दौरा करेंगे, जिसमें वे सरकार और कारोबारी नेताओं से ऊर्जा सहयोग, वाणिज्यिक निवेश और व्यापक आर्थिक संबंधों पर चर्चा करेंगे।

वहीं, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा कि बातचीत में “बड़ी चीजें पूरी हो चुकी हैं” और दोनों पक्ष समझौते के “बेहद करीब” हैं। उनके मुताबिक बातचीत “अविश्वसनीय गति” से आगे बढ़ रही है।

पृष्ठभूमि: उथल-पुथल भरा साल

भारत-अमेरिका संबंधों के लिए पिछला एक साल उतार-चढ़ाव भरा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम में मध्यस्थता का दावा करते रहे, जबकि ओमान के तट पर एक जहाज पर अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी।

हालांकि, वॉशिंगटन के रूसी डीजल खरीदने के फैसले से यह उम्मीद जगी है कि रूसी तेल खरीद पर भारत टैरिफ से बच सकता है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के अजय श्रीवास्तव ने चेताया है कि अमेरिका फिर भी टैरिफ की धमकी का इस्तेमाल नई दिल्ली पर असमान समझौता थोपने के लिए कर सकता है।

गोयल ने यह भी बताया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर दिसंबर में हस्ताक्षर होंगे और वह अगले साल फरवरी या मार्च से लागू हो सकता है।

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