मध्य प्रदेश में कूनो चीता की मौत (Kuno Cheetah Death) के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को छह वन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। इनमें दो रेंजर भी शामिल हैं। शावक के शरीर से पांच गोलियां निकली थीं। इसलिए विभाग ने निगरानी में लापरवाही का आरोप लगाया है।
Kuno Cheetah Death की जांच में क्या मिला
उन्नीस महीने का नर शावक KNG22 दक्षिण अफ्रीका से आई मादा चीता निर्वा का बेटा था। वह 25 अक्टूबर को श्योपुर के क्षेत्रीय वन क्षेत्र में घायल मिला था। यह जगह कूनो नेशनल पार्क की सुरक्षित सीमा से बाहर है। इसके बाद उसे जबलपुर के पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय ले जाया गया। वहां एक्स-रे और सीटी स्कैन में शरीर के अंदर गोलियां दिखीं। आपातकालीन सर्जरी में डॉक्टरों ने पांच गोलियां निकालीं। हालांकि इलाज के बावजूद शावक की 27 अक्टूबर की सुबह मौत हो गई। वन विभाग ने मौत और गोलियों की पुष्टि की है।
निलंबन और गिरफ्तारी
ग्वालियर के वन संरक्षक लवित भारती ने छह कर्मचारियों को निलंबित किया है। इनमें पहरगढ़ के रेंजर, कन्हार के उप रेंजर और कलाखेत के बीट गार्ड शामिल हैं। विजयपुर पूर्व के एक रेंजर पर भी कार्रवाई हुई है। इसके अलावा तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। इनमें से दो को कोर्ट में पेश किया जा चुका है। राज्य बाघ प्रहार दल (STSF) ने मुरैना-श्योपुर क्षेत्र में करीब बीस लोगों से पूछताछ की है। कई घरों की तलाशी भी ली गई है। हालांकि गोली चलाने वाला हथियार अब तक नहीं मिला है। जांचकर्ताओं को शक है कि पारंपरिक भर्मार बंदूक का इस्तेमाल हुआ होगा। लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
प्रोजेक्ट चीता पर सवाल
राज्य सरकार ने 27 अक्टूबर को चार सदस्यीय विशेष कार्य बल बनाया था। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की तीन सदस्यीय केंद्रीय टीम भी जांच कर रही है। राज्य कार्य बल को सात दिन में रिपोर्ट देनी है। यह प्रोजेक्ट चीता शुरू होने के बाद किसी चीते को गोली मारने का पहला मामला है। प्रोजेक्ट सितंबर 2022 में शुरू हुआ था। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने सवाल उठाया है कि कूनो के फील्ड डायरेक्टर उत्तम शर्मा पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है। MP DA Hike 2%: कर्मचारियों को दिवाली तोहफा The Hindu
