तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने तेनि जेल से कैदियों के भागने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। Theni Jailbreak मामले में उप जेल अधीक्षक (प्रभारी) को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई शनिवार, 31 अक्टूबर को की गई। निलंबन 30 अक्टूबर से प्रभावी माना गया है।
निलंबित अधिकारी एन नागेश्वरन 6 अगस्त 2024 से तेनि जिला जेल के अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। उन पर निगरानी और नियंत्रण में लापरवाही का आरोप है। निलंबन आदेश तमिलनाडु सिविल सेवा (अनुशासन और अपील) नियमों के तहत जारी हुआ है। यह आदेश अगले आदेश तक लागू रहेगा।
26 अक्टूबर की रात तेक्कमपट्टी उप-जेल से 17 विचाराधीन कैदी भाग गए थे। कैदियों ने पहले एक साथी के बीमार होने का नाटक किया था। इसके बाद उन्होंने ड्यूटी पर तैनात जेलकर्मियों पर हमला कर दिया। पुलिस ने बड़े पैमाने पर तलाश अभियान चलाया। सभी 17 कैदियों को करीब 40 घंटों के भीतर दोबारा पकड़ लिया गया।
Theni Jailbreak: जेल प्रशासन में बड़ा फेरबदल
मुख्यमंत्री ने जेल प्रशासन में बड़े पैमाने पर फेरबदल के भी आदेश दिए हैं। जेल महानिदेशक संदीप राय राठौड़ का तबादला कर दिया गया है। उन्हें तमिलनाडु विद्युत उत्पादन और वितरण निगम (TANGEDCO) में मुख्य सतर्कता अधिकारी बनाया गया है। उनकी जगह के शंकर को जेल और सुधार सेवाओं का नया अतिरिक्त महानिदेशक नियुक्त किया गया है।
मदुरै केंद्रीय कारागार के अधीक्षक आर कृष्णराज का भी तबादला हुआ है। उन्हें अब सेलम केंद्रीय कारागार का अधीक्षक बनाया गया है। मंत्री निर्मल कुमार ने तेनि जेल में प्रक्रिया संबंधी खामियां मानी हैं। उन्होंने कहा कि जेलों में सीसीटीवी और स्कैनर लगाने की योजना है।
विपक्ष ने सरकार पर उठाए सवाल
इस घटना के बाद तमिलनाडु में सियासी घमासान भी तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष उधयनिधि स्टालिन ने सरकार का मजाक उड़ाया है। उन्होंने कहा कि पुझल, तेनि और अब कोयंबटूर की घटनाओं के बाद अगली जेल कौन सी होगी।
कोयंबटूर केंद्रीय कारागार में शनिवार तड़के एक और कैदी भागने की घटना सामने आई है। Times Now की रिपोर्ट के अनुसार 25 वर्षीय कैदी राघवन जेल के प्रवेश द्वार से भाग गया। इस मामले में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने जेलकर्मियों को भविष्य में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
