मध्य प्रदेश में आज MP MSME इकाइयों को बड़ी आर्थिक मदद मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल में 950 MSME इकाइयों को 490 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि देंगे। साथ ही 100 से अधिक स्टार्टअप को करीब ₹1.50 करोड़ की मदद दी जाएगी। यह राशि सिंगल क्लिक से सीधे लाभार्थियों तक पहुंचेगी।
MP MSME: किन इकाइयों को मिलेगी मदद
यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित उद्यमिता सम्मेलन में होगा। इसकी अध्यक्षता MSME मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप करेंगे। इस दौरान उद्यमियों को भूमि आवंटन आशय पत्र भी दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के लाभार्थियों को ऋण राशि के चेक भी सौंपे जाएंगे।
मंत्री कश्यप ने बताया कि इन इकाइयों ने ₹7,000 करोड़ से अधिक का निवेश किया है। इनसे 17,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। यह मदद मध्य प्रदेश MSME विकास नीति के तहत दी जा रही है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों की इकाइयों को इसका लाभ मिलेगा।
छोटे और मझोले उद्योग मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं। वे लाखों लोगों को रोजगार देते हैं। सरकार का मानना है कि इनकी मदद से गांवों और छोटे शहरों में भी रोजगार बढ़ेगा। इसलिए हर साल अनुदान और ऋण की व्यवस्था की जाती है।
स्टार्टअप और आगे की योजना
स्टार्टअप नीति 2025 के तहत 100 से अधिक स्टार्टअप को सहायता दी जाएगी। प्रदेश में अब तक 2,081 स्टार्टअप को भारत सरकार से मान्यता मिली है। वित्त वर्ष 2026-27 में 1,302 स्टार्टअप पंजीकृत हुए हैं। सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार के नए अवसर देना है।
वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार ने ₹1,300 करोड़ का अनुदान बांटा था। आज के वितरण के साथ वित्त वर्ष 2026-27 में कुल ₹1,085 करोड़ बांटे जा चुके होंगे। मोहन यादव ने कहा है कि छोटे उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इसलिए सरकार उन्हें हर संभव मदद देगी।
