Cyclone Murasu landfall मंगलवार सुबह पूरा हो गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक तूफान ने आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट को ओंगोल के पास पार किया। landfall की प्रक्रिया रात एक बजे शुरू हुई थी। तूफान का केंद्र सुबह साढ़े तीन से साढ़े पाँच बजे के बीच तट को पार कर गया। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रही। झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे।
Cyclone Murasu landfall: ओंगोल के पास तट पार
IMD के मुताबिक तूफान का केंद्र 15.53 डिग्री उत्तर अक्षांश और 80.22 डिग्री पूर्व देशांतर के पास था। तूफान उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था। landfall से पहले तूफान की भीतरी बारिश वाली पट्टी तट से टकरा चुकी थी। इसके बाद उसकी सबसे तेज हवाओं वाली दीवार तट के अंदर आ गई। आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में रात भर भारी बारिश हुई। विजयवाड़ा में बंदर रोड, पॉलीक्लिनिक रोड और वन टाउन इलाकों में पानी भर गया। कई सड़कों पर आवाजाही रुक गई।
अब तक कोई मौत नहीं, 30,000 लोग सुरक्षित
अब तक इस तूफान से किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने यह जानकारी दी। हालांकि कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। तूफान से पहले करीब 30,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। राहत शिविरों में उनके खाने और रहने की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने रात में ही हालात की समीक्षा की थी। आपदा हेल्पलाइन नंबर 1070 जारी है। इससे पहले Cyclone Arnab ने ओडिशा में भारी नुकसान पहुंचाया था।
आगे क्या: तूफान कमजोर पड़ेगा, बारिश जारी रहेगी
IMD के मुताबिक तूफान अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा। दोपहर तक यह चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। इसके बाद यह गहरे दबाव के रूप में आगे बढ़ेगा। हालांकि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी बारिश जारी रह सकती है। मछुआरों को चार नवंबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तटीय जिलों में स्कूल पहले से बंद हैं। लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है।
