MP सफाईकर्मी हड़ताल की चेतावनी के बीच भोपाल में मंगलवार को हजारों सफाईकर्मियों ने प्रदर्शन किया। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शन में प्रदेश के 57 जिलों से कर्मचारी शामिल हुए। उनकी मांगों पर कोई फैसला नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने जहांगीराबाद चौराहे पर करीब दो घंटे तक चक्काजाम किया। यूनियन ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो हड़ताल होगी। 4 नवंबर से प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो जाएगी।
ज्ञापन लेने कोई नहीं आया, फिर हुआ चक्काजाम
सुबह 9 बजे से हजारों सफाईकर्मी शाहजहांनी पार्क में जमा थे। उन्होंने शाम 4 बजे तक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपने का समय दिया था। लेकिन ज्ञापन लेने कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद कर्मचारियों ने बैरिकेडिंग हटाई और जहांगीराबाद चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। करीब दो घंटे तक चौराहे पर जाम लगा रहा। बाद में अफसरों की समझाइश पर कर्मचारी हट गए। प्रदर्शन अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के बैनर तले हुआ। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने इसे सरकार को दिया गया अंतिम ज्ञापन बताया।
क्या हैं सफाईकर्मियों की मांगें
सफाईकर्मियों की मुख्य मांग है कि उनका मासिक वेतन बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया जाए। वर्षों से काम कर रहे संविदा और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया जाए। संगठन का कहना है कि प्रदेश के 10 संभागों के कर्मचारी इस आंदोलन से जुड़े हैं। 16 नगर निगमों और 374 नगरपालिकाओं के कर्मचारी भी इसमें शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से उठ रही हैं। लेकिन शासन स्तर पर अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। इसलिए उन्होंने अब हड़ताल की चेतावनी दी है।
MP सफाईकर्मी हड़ताल: दीवाली की सफाई पर संकट
हड़ताल की चेतावनी ऐसे समय आई है, जब दीवाली नजदीक है। धनतेरस 5 नवंबर को है और दीवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी। भोपाल में दीवाली से पहले सफाई व्यवस्था पर संकट खड़ा हो गया है। नगर निगम ने 4 नवंबर से शहर में विशेष सफाई अभियान चलाने की तैयारी की है। रोज सुबह 6 से 11 बजे और दोपहर 12 से 3 बजे तक सफाई होगी। शाम 4 से रात 8 बजे तक पूरे शहर में फॉगिंग अभियान भी चलेगा। हालांकि हड़ताल हुई तो कचरा उठाव से लेकर सफाई तक प्रभावित हो सकती है। भोपाल में 600 घरों पर बुलडोजर का नोटिस भी हाल में सुर्खियों में रहा है।
