Joshua Wong Hong Kong के सबसे चर्चित लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता हैं। हांगकांग हाई कोर्ट ने गुरुवार को उन्हें 10 साल की जेल की सजा सुनाई। यह सजा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत विदेशी ताकतों से मिलीभगत के आरोप में दी गई। यह उनका दूसरा राष्ट्रीय सुरक्षा मामला है। अदालत ने उनके अपराध को गंभीर प्रकृति का बताया।
Joshua Wong Hong Kong मामले में अदालत ने क्या कहा
हाई कोर्ट के जज विलियम टैम ने सजा सुनाते हुए कहा कि अपराध गंभीर प्रकृति का था। उन्होंने 13 साल की सजा को शुरुआती बिंदु माना था। वोंग ने 2 सितंबर को अपना दोष स्वीकार कर लिया था। इसी वजह से सजा में 3 साल की कमी की गई। अदालत ने उनकी भूमिका को सीमित मानने से इनकार कर दिया।
किन आरोपों में दोषी ठहराए गए वोंग
वोंग पर आरोप था कि उन्होंने 2016 से नवंबर 2020 के बीच विदेशी ताकतों से मिलीभगत की साजिश रची। उन पर नाथन लॉ और अन्य लोगों के साथ मिलकर विदेशी प्रतिबंधों की मांग करने का आरोप था। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून में इस अपराध की सजा 3 से 10 साल तक है। गंभीर मामलों में सजा आजीवन कारावास तक हो सकती है। अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास नहीं दिया, लेकिन 10 साल की सजा सुनाई।
2036 तक जेल में रहेंगे वोंग
वोंग नवंबर 2020 से हिरासत में हैं। वे पहले से ‘हांगकांग 47’ मामले में 4 साल 8 महीने की सजा काट रहे हैं। इस सजा के बाद उन्हें जनवरी 2027 में रिहा होना था। नई सजा पुरानी सजा के बचे 2 महीने के साथ एक साथ चलेगी। इसलिए वोंग अब 2036 के अंत तक जेल में रहेंगे। तब उनकी उम्र 40 साल होगी। मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने आरोपों को निराधार बताया है।
हांगकांग हाई कोर्ट ने जोशुआ वोंग को 10 साल की सजा सुनाई, यह फैसला गुरुवार को आया। अमेरिका ने ईरान से जुड़े नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाए थे, जिसमें एक भारतीय दंपती का नाम आया था। Georgia में पहली अश्वेत महिला गवर्नर बनीं, यह अमेरिका के मध्यावधि चुनाव का बड़ा नतीजा था।
