France में महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं की बदहाली के खिलाफ हुए राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। France protest के बाद शनिवार की हिंसा का भयावह चेहरा सामने आया है। एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई है। Paris में रिकॉर्ड 855 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पूरे देश में करीब 1,800 लोगों को हिरासत में लिया गया है। 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ के मुताबिक देशभर में करीब 5.5 लाख लोग प्रदर्शनों में शामिल हुए। हालांकि श्रमिक संगठन CGT का दावा है कि यह संख्या 8 लाख थी।
शांतिपूर्ण मार्च के बीच नकाबपोश युवाओं के समूहों ने गाड़ियों में आग लगाई। दुकानों को लूटा गया और पुलिस पर हमला किया गया। पुलिस को आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
France Protest: Paris में अभूतपूर्व हिंसा
Paris के अभियोजन कार्यालय के मुताबिक गिरफ्तार 855 लोगों में से 517 हिरासत में हैं। इनमें 346 वयस्क और 171 नाबालिग शामिल हैं। गिरफ्तारियां शनिवार रात से रविवार सुबह 6 बजे तक चलती रहीं। ज्यादातर गिरफ्तारियां चोरी का सामान रखने और तोड़फोड़ के आरोपों में हुईं। Paris की डिप्टी मेयर लामिया एल आराजे ने कहा कि राजधानी ने “ऐसी हिंसा देखी जो पहले कभी नहीं देखी गई थी”।
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने X पर लिखा कि गणतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि लूटपाट करने वालों को अभियोजित किया जाएगा और सजा मिलेगी। हिंसा के दौरान लिमोज में 143 साल पुराने टाउन हॉल को आगजनी में आंशिक रूप से नष्ट कर दिया गया। बोर्डो में नकाबपोश भीड़ स्थानीय प्रीफेक्ट के आवास में घुस गई।
रविवार को लिले से मार्सेल और स्ट्रासबर्ग से बोर्डो तक शहरों में बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चला। इस बीच ग्रीन पार्टी की नेता मरीन तोंदेलिए ने गृह मंत्री नुनेज़ के इस्तीफे की मांग कर दी है। उन्होंने कानून-व्यवस्था की प्रतिक्रिया को “पूर्ण विफलता” बताया।
गौरतलब है कि Saint-Etienne में एक 17 साल के लड़के का हाथ भीड़-नियंत्रण ग्रेनेड से उड़ गया था। वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने इस अशांति के लिए immigration नीतियों को जिम्मेदार ठहराया था।
(स्रोत: रॉयटर्स)
