Indore Child Marriage Case: 13 साल की बच्ची का विवाह रोका

Dainik R Times
3 Min Read
Indore Child Marriage Case village wedding stopped by administration Madhya Pradesh 2026

Indore Child Marriage Case: 13 साल की बच्ची का विवाह प्रशासन ने रोका, फर्जी अंकसूची का खुलासा


Full Article (Green SEO + High Readability + Safe Language)

इंदौर | 24 अप्रैल 2026

इंदौर में एक Child Marriage Case सामने आया, जहां प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई करते हुए 13 साल की बच्ची का विवाह रुकवाया। जांच में उम्र छिपाने के लिए फर्जी अंकसूची (मार्कशीट) का उपयोग सामने आया।

जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की सतर्कता से यह मामला समय रहते नियंत्रण में आ गया।


कैसे सामने आया मामला

यह मामला हेल्पलाइन पर मिली शिकायत के बाद सामने आया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम रंगवासा में 25 अप्रैल को दो बच्चों का विवाह तय किया गया था।

शुरुआत में परिवार ने जो दस्तावेज दिखाए, उनमें दोनों की उम्र वैधानिक बताई गई थी।
हालांकि, अधिकारियों को संदेह हुआ और विस्तृत जांच शुरू की गई।


जांच में फर्जी दस्तावेज का खुलासा

जांच के दौरान सामने आया कि:

  • प्रस्तुत अंकसूची फर्जी थी
  • संबंधित स्कूल ने दस्तावेज जारी करने से इनकार किया
  • असली रिकॉर्ड के अनुसार लड़की की उम्र 13 वर्ष पाई गई
  • लड़के की उम्र 19 वर्ष सामने आई

इसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए विवाह रोक दिया गया।


प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

जिला प्रशासन ने मामले में तेजी दिखाई:

  • टीम को मौके पर भेजा गया
  • परिवार से असली दस्तावेज मांगे गए
  • दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके
  • कानून की जानकारी देने के बाद परिवार ने विवाह निरस्त करने पर सहमति दी

साथ ही, संभावित आयोजन स्थल उज्जैन में भी विभाग को अलर्ट किया गया।


सामाजिक प्रथा के नाम पर निर्णय

जांच में यह भी सामने आया कि यह विवाह एक पारंपरिक प्रथा के तहत तय किया गया था।

परिवार ने रिश्तों के आदान-प्रदान की परंपरा के अनुसार यह निर्णय लिया था।
हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कानून के खिलाफ है और बच्चों के हित में नहीं है।


मौके पर तुरंत हटवाया गया आयोजन

विवाह स्थल पर तैयारियां पूरी हो चुकी थीं:

  • मंडप तैयार था
  • साउंड सिस्टम चल रहा था

लेकिन कार्रवाई के बाद:

  • टेंट और साउंड सिस्टम तुरंत हटवाया गया
  • संबंधित लोगों को नियमों की जानकारी दी गई

प्रशासन की अपील

महिला एवं बाल विकास विभाग ने लोगों से अपील की है कि:

  • बाल विवाह कानूनन अपराध है
  • बच्चों की सही उम्र में ही विवाह करें
  • किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तुरंत दें

निष्कर्ष

Indore Child Marriage Case यह दिखाता है कि:

  • जागरूकता और सतर्कता से बड़ी घटनाएं रोकी जा सकती हैं
  • फर्जी दस्तावेजों के जरिए कानून से बचना संभव नहीं
  • प्रशासन की सक्रियता बच्चों के अधिकारों की रक्षा में अहम भूमिका निभाती है

Share This Article
Leave a comment