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Rajpal Yadav SC Order: ₹1.15 करोड़ जमा, Schedule तय होगा

Dainik R Times
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Rajpal Yadav SC Order मामले में बुधवार को Supreme Court ने अभिनेता को बड़ी राहत दे दी। Court ने पैतृक संपत्ति बेचकर कर्ज चुकाने के उनके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। यह फैसला Chief Justice Surya Kant की अध्यक्षता वाली Bench ने सुनाया, जिसमें Justice Joymalya Bagchi और Justice V. Mohana भी शामिल थे।

Court को बताया गया कि Yadav ने ₹1.15 करोड़ के Demand Draft तैयार कर लिए हैं। ये Draft बुधवार को ही Court की Registry में जमा किए जाएंगे। इसके अलावा संपत्ति के संभावित खरीदार Anant Prakash Yadav खुद Court में मौजूद थे। उन्होंने सोमवार, 12 अक्टूबर तक ₹85 लाख का Demand Draft Registry में जमा करने की बात कही।

Bench ने अपने आदेश में कहा कि ₹85 लाख जमा होने के बाद Court बाकी रकम के भुगतान का Schedule तय करेगा। आदेश में यह भी कहा गया कि उस स्थिति में Yadav को “day-to-day terms पर specific conditional relief” दी जाएगी।

Rajpal Yadav SC Order: क्या है पूरा मामला?

यह मामला 2012 की फिल्म Ata Pata Laapata से जुड़ा है। आरोप है कि फिल्म के लिए Yadav और उनकी पत्नी ने Murli Projects नाम की निजी कंपनी से ₹5 करोड़ की आर्थिक मदद ली थी। 2013 में उन्होंने ₹1.05 करोड़ के सात cheque दिए, जो bounce हो गए। बाद में 2012 में हुए समझौते के तहत ब्याज सहित करीब ₹11 करोड़ चुकाने की बात तय हुई थी, लेकिन भुगतान नहीं हुआ।

10 जुलाई 2026 को Delhi High Court ने सातों मामलों में Yadav को 3 महीने की जेल और ₹1.35 करोड़ जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ उन्होंने Supreme Court में याचिका दायर की। 8 सितंबर को Court ने उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिया, लेकिन शर्त रखी कि Registry में ₹5 करोड़ जमा करने होंगे।

15 सितंबर को Yadav के वकील ने दो हफ्ते का समय मांगा था। उन्होंने कहा था कि अभिनेता के पास पैसे नहीं हैं, लेकिन संपत्ति बेचकर रकम जुटाना चाहते हैं। इसके बाद 5 अक्टूबर की सुनवाई में वकील ने सिर्फ ₹50 लाख के Demand Draft की photocopy दिखाई। इस पर Bench ने सख्त टिप्पणी की थी — “Your place is in jail” — और 7 अक्टूबर तक की आखिरी मोहलत दी थी।

पहले भी Tihar में बिता चुके हैं समय

यह पहली बार नहीं है जब Yadav को इस मामले में जेल जाना पड़ा हो। इस साल की शुरुआत में वह Tihar Jail में 10 दिन बिता चुके हैं। तब ₹1.5 करोड़ जमा करने के बाद उन्हें रिहा किया गया था। Court ने कई बार उनकी कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। CJI ने एक सुनवाई में कहा था कि Yadav का पिछला आचरण भरोसा नहीं जगाता।

बुधवार के आदेश के बाद अब सबकी नज़र 12 अक्टूबर पर है। अगर ₹85 लाख का Draft समय पर जमा हो जाता है, तो Court बाकी रकम का भुगतान Schedule तय करेगा। वादी कंपनी के वकील ने पहले Draft की सत्यता पर भी सवाल उठाए थे, इसलिए Registry में जमा होने वाले Draft की जांच भी अहम होगी।

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