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पद्मश्री गायक अनूप जलोटा दीक्षित निवास पर पहुचें, भागीदारी विलेख के दस्तावेजों पर होता है स्टाम्प शुल्क प्रभार्य

Indore News 
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इंदौर, शहर के प्रसिद्ध अधिवक्ता तनुज दीक्षित व डॉ. चेतना दीक्षित (मुख एवं दंत रोग विशेषज्ञ) की लाड़ली बिटिया “धनिष्का” अपने पहले वर्ष को पूर्ण कर दूसरे वर्ष में प्रवेश कर रहीं हैं, परिवार की इसी ख़ुशी को अपने साथ सांझा करने भारत के जाने माने भजन सम्राट पद्मश्री अनूप जलोटा दीक्षित निवास पहुचें वहाँ परिवारिक मुलाकात के साथ उन्होंने केक काट कर धनिष्का दीक्षित को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं प्रेषित करी व आशिर्वाद दिया। साथ ही उन्होंने परिवार के बिच अपने कुछ प्रसिद्ध भजन गाकर सुनाए, इस अवसर पर फिल्म निर्माता निर्देशक तेजन दीक्षित व अन्य परिजन भी उपस्थित रहें।

पद्मश्री गायक अनूप जलोटा
पद्मश्री गायक अनूप जलोटा

भागीदारी विलेख के दस्तावेजों पर होता है स्टाम्प शुल्क प्रभार्य – 

भागीदारी विलेख के दस्तावेजों पर भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 की अनुसूची 1-क के अनुच्छेद-49 के अनुसार स्टाम्प शुल्क प्रभार्य होता है। पर्याप्त स्टाम्प शुल्क नहीं चुकाने पर भागीदारी का दस्तावेज साक्ष्य के रूप में स्वीकार योग्य नहीं होता है।

वरिष्ठ जिला पंजीयक श्री दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि भागीदारी विलेख उचित रूप से स्टाम्पित नहीं होने पर साक्ष्य में ग्राह्य नहीं किये जाते हैं तथा विलेख के निष्पादकों द्वारा किसी कार्यालय या न्यायालय में प्रस्तुत करने पर विलेख को इम्पाउण्ड कर कलेक्टर ऑफ स्टाम्प्स को कमी स्टाम्प शुल्क की वसूली के लिए प्रेषित किए जाते हैं। इससे न केवल पक्षकारों को असुविधा और विलंब होता है, अपितु संबंधित पक्षकारों को स्टाम्प शुल्क के साथ पेनल्टी भी भुगतान करनी पड़ती है।

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पक्षकारों को कठिनाई एवं शासकीय राजस्व की दृष्टि से आगामी 01 माह अभियान चलाकर ऐसे दस्तावेजों का निकरारण किया जाना है। ऐसे सभी पक्षकार जिनके पास अपंजीकृत तथा असम्यक रूप से मुद्रांकित भागीदारी विलेख हैं, वे निम्नलिखित जानकारी के साथ रीडर शाखा कार्यालय वरिष्ठ जिला पंजीयक मोती तबेला, इन्दौर में आवेदन कर सकते हैं। प्राथमिकता के आधार पर प्रकरणों का निराकरण कर नियमानुसार शुल्क एवं शास्ति जमा करायी जाकर विलेख को उचित मुद्रांकित किया जायेगा।

आवेदन के साथ फर्म के गठन के समय निष्पादित की गई डीड, फर्म के गठन के पश्चात किसी नए भागीदार को शामिल होने या भागीदार के रिटायर होने के लिए निष्पादन किए गए सभी दस्तावेज, फर्म के गठन के उपरांत क्रय और विक्रय की गई सभी अचल संपत्तियों की जानकारी, फर्म की विगत 03 वर्ष की बेलेंस शीट तथा आवेदन पत्र के पक्ष समर्थन में अधिकृत भागीदार/भागीदारों के शपथपत्र आदि दस्तावेज प्रस्तुत करना होंगे।

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