IAF Chief Ashutosh Dixit ने शनिवार को वायुसेना की कमान संभाल ली। वह भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख बने हैं। उन्होंने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की जगह ली है। सिंह 42 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए। नई दिल्ली में कमान सौंपने का समारोह हुआ।
IAF Chief Ashutosh Dixit: 3,500 घंटे की उड़ान का अनुभव
एयर चीफ मार्शल दीक्षित एक अनुभवी लड़ाकू पायलट हैं। उनके पास 20 से ज्यादा तरह के विमानों पर 3,500 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव है। वह प्रायोगिक परीक्षण पायलट भी रह चुके हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाई थी। इसलिए उन्हें रणनीतिक योजना का माहिर माना जाता है।
कमान संभालने से पहले वह वायुसेना के उप प्रमुख थे। इस साल 1 जुलाई को उन्होंने यह पद संभाला था। इससे पहले वह एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख भी रहे। वह मध्य वायु कमान के कमांडर भी रह चुके हैं। उनकी नियुक्ति से पहले ही घोषित हो गई थी।
2028 तक कमान, आधुनिकीकरण बड़ी चुनौती
दीक्षित 31 दिसंबर 2028 तक वायुसेना प्रमुख रहेंगे। उनके सामने लड़ाकू विमानों की कमी बड़ी चुनौती है। विमानों की आपूर्ति में देरी भी चिंता का विषय है। थिएटर कमांड पर वायुसेना का रुख भी तय करना होगा। हालांकि स्वदेशी विमान तेजस को बढ़ावा देना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
वायुसेना में उनके कार्यकाल पर सबकी नजर रहेगी। लड़ाकू विमानों की संख्या बढ़ाना सबसे बड़ी जरूरत है। स्वदेशी विमान तेजस को बढ़ावा देना भी एजेंडे में है। इसके अलावा जवानों के कल्याण पर भी ध्यान देना होगा।
निवर्तमान प्रमुख एपी सिंह को रेस कोर्स वायुसेना स्टेशन पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उनका कार्यकाल 25 महीने का रहा। नौसेना के नए युद्धपोत भी रक्षा तैयारियों का हिस्सा हैं। INS Vikrant पर राफेल की लैंडिंग भी हाल की बड़ी उपलब्धि है। The Hindu की रिपोर्ट के अनुसार नए प्रमुख ने तुरंत काम संभाल लिया है.
