INDIA Bloc Rally रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई। विपक्षी गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने मंच से तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को हटाया जाएगा और जेल भेजा जाएगा। उनके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की बारी आएगी।
राहुल गांधी ने कहा कि देश में वोट चोरी हो रही है। उनका आरोप था कि 2024 के लोकसभा चुनाव और कई राज्यों के चुनाव वोट चोरी से जीते गए। राहुल ने मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक का नाम लिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार संविधान से बड़ी नहीं है। संविधान ही सबसे बड़ा है।
INDIA Bloc Rally: राहुल गांधी के तीखे हमले
राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने देशद्रोह जैसा काम किया है। उन्होंने दावा किया कि 2024 के चुनाव के बाद 15 फीसदी मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। उन्होंने कहा कि वह संविधान की रक्षा प्रेम से करेंगे, नफरत से नहीं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि लड़ाई तब तक चलेगी, जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते। उन्होंने कहा कि मोदी और शाह ने महिलाओं, युवाओं और दलितों के वोटों में हेराफेरी की कोशिश की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र बचाने के लिए मोदी को हटाना होगा। विपक्ष पुलिस, सीबीआई और ईडी से डरने वाला नहीं है।
ममता और अखिलेश के बयान, BJP का पलटवार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर को भाजपा के लिए विशेष गहन राहत में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि बंगाल एसआईआर का शिकार है। उन्होंने कहा कि वह लड़ेंगी, लेकिन झुकेंगी नहीं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि रामलीला मैदान लोकतंत्र का हल्दीघाटी बन गया है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम हटाए गए।
राजद नेता तेजस्वी यादव ने ज्ञानेश कुमार को मोदी का कठपुतली बताया। तेजस्वी ने बिहार और बंगाल के चुनावों को फर्जी बताया। उनकी मांग है कि वहां दोबारा चुनाव होने चाहिए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की। मैदान में प्रदर्शनकारियों ने कटी उंगलियों के प्रतीक के साथ विरोध जताया। उनका कहना था कि 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
भाजपा ने रैली पर तीखा पलटवार किया। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसे मूर्खतापूर्ण नाटक बताया। उन्होंने कहा कि यह देश को अराजकता में धकेलने की साजिश है। गृह मंत्री अमित शाह ने रैली को जलसा बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को पांच साल और विपक्ष में रहना पड़ेगा। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने दावा किया कि मैदान का करीब 40 फीसदी हिस्सा खाली था।
आयोजकों ने 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया था। दिल्ली पुलिस का अनुमान करीब 50 हजार लोगों का था। अंतिम आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। रैली दोपहर 12 बजे मिंटो रोड से शुरू होकर रामलीला मैदान पहुंची थी। रैली में कोई हिंसा की खबर नहीं आई। टाइम्स ऑफ इंडिया की लाइव रिपोर्ट के अनुसार रैली शाम करीब पांच बजे समाप्त हुई।
