कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम हुई Kolkata stampede की जांच में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। रविवार को पुलिस ने आयोजन समिति के पदाधिकारियों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस हादसे में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है। 25 से ज्यादा लोग घायल हैं।
गिरफ्तार लोगों में समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा उर्फ राजा (48) और उपाध्यक्ष संतनु दुबे (55) शामिल हैं। इनके अलावा बिप्लब मुखर्जी उर्फ जॉय (48), कौशिक साहा (53), पिंटू डे (51), सुमन चक्रवर्ती (30) और राजेश पाल (29) भी गिरफ्तार हुए हैं। शनिवार रात पुलिस ने 14 लोगों को हिरासत में लिया था। जांच के बाद इन 7 की गिरफ्तारी हुई।
जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भगदड़ से ठीक पहले पंडाल में माइक पर ऐलान हुआ था। कहा गया — “पंडाल की हालत बहुत खराब है। यह गिर जाएगा। कृपया बाहर निकलें।” इसी चेतावनी के बाद भीड़ में दहशत फैली। फिर भगदड़ मच गई। उस वक्त भारी बारिश के बीच हजारों श्रद्धालु पंडाल में मौजूद थे।
Kolkata Stampede: Forensic Team मौके पर, CM ने बुलाई बैठक
रविवार सुबह forensic team चोरबागान पंडाल पहुंची। टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की। पुलिस पहले ही गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर चुकी है। अब सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। उत्तरी कोलकाता के बोवबाजार थाना क्षेत्र में 18 से 20 अक्टूबर तक धारा 163 लागू है।
इस बीच मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पंडाल सुरक्षा पर आपात बैठक बुलाई है। प्रमुख पंडालों की सुरक्षा समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनेगी। रविवार सुबह ही केंद्रीय गृह मंत्री अस्पताल में घायलों से मुलाकात कर चुके हैं। राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी देगी। इसका ऐलान पहले ही हो चुका है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
