ग्वालियर के शीटला माता मंदिर (Gwalior Sheetla Mata) के पास हुए ट्रक हादसे की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। जिला कलेक्टर रुचिका चौहान ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। एडीएम सीबी प्रसाद को सात दिनों में रिपोर्ट सौंपनी होगी। रिपोर्ट में हादसे के कारण देखे जाएंगे। यह भी देखा जाएगा कि ट्रक प्रतिबंधित सड़क तक कैसे पहुंचा। लापरवाही का स्तर भी जांच में तय होगा।
Gwalior Sheetla Mata हादसे के नए तथ्य
हादसा रविवार तड़के करीब डेढ़ बजे हुआ था। छीनोर की ओर से आ रहा धान से लदा ट्रक श्रद्धालुओं को रौंदता हुआ मंदिर की दीवार से जा टकराया था। ताजा रिपोर्टों के अनुसार अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें दो महिलाएं और दो नाबालिग शामिल हैं। 27 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज ग्वालियर के ट्रामा सेंटर में चल रहा है।
पुलिस ने ड्राइवर दिलबाग सिंह और मालिक मोहित सिंह को गिरफ्तार कर लिया था (ड्राइवर और मालिक की गिरफ्तारी)। शुरुआती जांच में ब्रेक फेल की आशंका जताई गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीएसपी रवि भदौरिया को हटा दिया था (CSP हटाए गए)। आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया था। मजिस्ट्रियल जांच इन सभी पहलुओं को एक साथ परखेगी।
Scindia ट्रामा सेंटर पहुंचे, ग्रीन कार्पेट पर भड़के
रविवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया घायलों से मिलने ट्रामा सेंटर पहुंचे। अस्पताल में उनके स्वागत के लिए ग्रीन कार्पेट बिछाया गया था। इसे देखकर सिंधिया नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि यह क्या तमाशा है। उन्होंने जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा घोषित किया है। गंभीर घायलों को दो-दो लाख रुपये मिलेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दो-दो लाख की अनुग्रह राशि का ऐलान किया है। प्रशासन का कहना है कि घायलों का इलाज पूरी तरह मुफ्त होगा। मृतकों के परिजन पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं। उनकी मांग है कि जांच में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
