पुणे मेट्रो की पिंक लाइन का उद्घाटन हो गया है। Pune Metro Pink Line को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शुरू किया। यह लाइन हिंजेवाड़ी के आईटी हब को शिवाजीनगर से जोड़ेगी। यात्री सेवाएँ 4 नवंबर की सुबह 6 बजे से शुरू होंगी। पहले चरण में 17 स्टेशन खुलेंगे। इस लाइन से हजारों आईटी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
23 किलोमीटर लंबी लाइन, 8,313 करोड़ की लागत
पिंक लाइन की लंबाई 23.203 किलोमीटर है। यह पूरी तरह एलिवेटेड कॉरिडोर है। इसका निर्माण 8,313 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से हुआ है। लाइन मान से जिला न्यायालय मेट्रो स्टेशन तक जाएगी। कुल 23 स्टेशन बनेंगे। हालांकि चार स्टेशनों को अभी सुरक्षा मंजूरी नहीं मिली है। इनमें आरबीआई, शिमला चौक, महाबलेश्वर चौक और बानेर शामिल हैं। बाकी छह स्टेशन जनवरी 2027 तक चरणों में खुलेंगे।
महिला ऑपरेटर चलाएँगी ट्रेन
इस लाइन की सबसे खास बात इसका संचालन है। पूरी लाइन महिला ट्रेन ऑपरेटरों द्वारा चलाई जाएगी। बिजली की जरूरत का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले देश में मेट्रो नेटवर्क सिर्फ 248 किलोमीटर था। अब यह बढ़कर 1,200 किलोमीटर हो गया है। बेहतर शहरी ढाँचा देश की आर्थिक तरक्की को तेज करेगा। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक उद्घाटन समारोह बालेवाड़ी स्टेडियम में हुआ।
चार नए कॉरिडोर की आधारशिला
प्रधानमंत्री ने इसी कार्यक्रम में पुणे मेट्रो के दूसरे चरण की आधारशिला भी रखी। दूसरे चरण में चार नए कॉरिडोर बनेंगे। इनमें लाइन 2ए, 2बी, 4 और 4ए शामिल हैं। इस चरण पर करीब 13,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दोनों परियोजनाओं का कुल निवेश लगभग 21,800 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
पुणे मेट्रो का यह विस्तार शहर के यातायात के लिए बड़ा कदम है। हिंजेवाड़ी मार्ग पर रोजाना भारी जाम लगता है। अब मेट्रो से सफर तेज और आसान होगा। दिल्ली में GRAP-II लागू होने के बाद मेट्रो की फेरियाँ बढ़ाई गई थीं। मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 23,228 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी है।
