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Kolkata Stampede: Culpable Homicide केस, Sec 163 लागू

Dainik R Times
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कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के मामले में पुलिस ने अब गैर-इरादतन हत्या (culpable homicide) का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए आयोजकों समेत कम से कम एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। यह हादसा शनिवार शाम महासप्तमी के दिन हुआ था, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई थी और 25 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

North Kolkata में Section 163, तीन दिन की पाबंदी

कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद ने उत्तर कोलकाता के कुछ हिस्सों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत तीन दिनों तक निषेधाज्ञा लगा दी है। यह आदेश 18 से 20 अक्टूबर तक लागू रहेगा।

आदेश के मुताबिक, बऊबाजार थाना क्षेत्र — कॉलेज स्ट्रीट, सीआर एवेन्यू, कोलूटोला स्ट्रीट और ईडन हॉस्पिटल रोड से घिरे इलाके — में पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, लाठी या खतरनाक हथियार ले जाने पर रोक रहेगी। पुलिस का कहना है कि यह कदम संभावित हिंसक प्रदर्शनों और सार्वजनिक व्यवस्था को होने वाले खतरे को देखते हुए उठाया गया है।

CCTV फुटेज जब्त, STF की जांच जारी

विशेष जांच दल (SIT) और फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिया है। उस वक्त मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भीड़भाड़ और पंडाल की संरचना को नुकसान की चेतावनी वाले ऐलान के बाद दहशत फैली, जिससे भगदड़ मच गई।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि वे कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर तथ्यान्वेषी समिति के गठन की मांग करेंगे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आज कोलकाता मेडिकल कॉलेज अस्पताल जाकर घायलों से मिलने की संभावना है। शाह शनिवार शाम दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुंचे थे और उन्होंने अपने सारे कार्यक्रम रद्द कर दिए थे।

मृतकों में उत्तर 24 परगना की एक 12वीं कक्षा की छात्रा और हुगली की 27 वर्षीय नर्स श्रीपर्णा पोद्दार भी शामिल हैं। छात्रा के पिता ब्लाउज-कटिंग का काम करते हैं — उन्होंने बताया कि उनकी बेटी पहली बार पंडाल-हॉपिंग के लिए कोलकाता गई थी। नर्स टाटा कैंसर अस्पताल में काम करती थीं और शनिवार सुबह ड्यूटी से लौटकर दोस्तों के साथ चोरबगान गई थीं।

इससे पहले राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया था। प्रभावित परिवारों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800 345 5678 भी जारी की गई है।

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